Wednesday, 26 September 2012

ग़म ...

दिल में हजारों गम छुपाये रहते है !
हसते हैं , सबको हंसाएं रहते हैं !!

लोग कहते हैं की, जिंदगी हो तो हमारे जैसी !
और हम खुद मौत की, आस लगाये रहते हैं !!

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आसमान को नींद आये, तो सुलाए कहाँ !
समंदर में लहर आये, तो छुपायें कहाँ !!

जमीन को मौत आये, तो दफनायें कहाँ !
आप की याद आये , तो हम जाएँ कहाँ !!

मुश्किल राहेँ  भी, आसान हो जाती हैं !
हर राह  पर , पहचान हो जाती है !!

जो लोग.......
मुस्कुराकर करते हैं,  सामना मुसीबतों का !
किस्मत उनकी गुलाम हो जाती है !!
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जिंदगी के राज को,  राज रहने दो !
गर हो कोई ऐतराज तो,  ऐतराज रहने दो !!

पर दिल जब कहे, हमें याद करने को !
उसे ये मत कहना, की आज रहने दो !!

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ओ बरसें न बरसें , सावन ही तो हैं !
जाने कब सुख जाये , गुलसन ही तो है !!

मेरे दिल में रहने की, आदत न डालो यारों !
जाने कब रूक जाये, धड़कन ही तो है !!





Monday, 31 October 2011

अपनों की नजर......

कल तक रोक न पायी, 
जिसे लम्बी डगर भी !
उसे भी थका देता है,
अब थोडा सा सफ़र भी !!
इस डर से कभी गौर से,
देखा नहीं तुझको ! 
कहते हैं लग जाती है,
अपनों की नजर भी !!